मोदी सरकार के इस कदम से अब गांवों के लोग भी कर सकेंगे इंटरनेट का इस्तेमाल

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फिक्की और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने साथ मिलकर ‘डिजिटल इंडिया फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ के तहत दो दिवसीय कार्यक्रम ‘भारत इंटरनेट सम्मेलन (आईआईसी)’ का आयोजन किया। इस आयोजन का शुभारंभ कानून- न्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने किया। इस मौके पर उन्होंने फिक्की-भारतीय भाषा इंटरनेट गठबंधन (फिक्की- आईएलआईएए) को लांच किया और इसका लोगो जारी किया। फिक्की के संस्थापक सदस्य गूगल और अन्य उद्योग हितधारकों ने भी इस आयोजन को सफल बनाया, सभी को एक मंच पर लाने का उदेश्य था कि इंटरनेट पर स्थानीय भाषा को किस तरह जोड़ा जाये, जिससे आम लोगों में भी इसका प्रसार बढ़ें।

चौधरी ने कहा कि पिछले दो सालों में ई-लेनदेन करने वालों कि संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है. सरकार ने 2018 तक 90 फीसदी लोगों को इंटरनेट सेवाओं से जुड़ने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा – स्वास्थ्य सेवाओं को हर वर्ग तक पहुंचने में इन्टरनेट के जरिये स्थानीय भाषाएँ मददगार हो सकती हैं। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक, एनएससीएस, भारत सरकार के डॉ. गुलशन राय ने कहा कि भारत सरकार ने साइबर सुरक्षा ढांचे को मंजूरी दे दी है, लेकिन सुरक्षा मुद्दों से निपटने के लिए योजनाओं का सक्रिय कार्यान्वयन जरूरी है। इस क्षेत्र में आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर कि आवश्यकता है और उद्योग को जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए।

अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के उप-सचिव-जनरल माल्कम जॉनसन ने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रवेश के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ उत्पादों को विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में इंटरऑपरेबिलिटी को सक्षम करने के लिए मानकों को भी निर्धारित किया जाना चाहिए। फिक्की के अध्यक्ष पंकज पटेल ने कहा कि ‘नए भारत’ के सपने के साथ भारत सरकार ने परिवर्तन के लिए कई प्रमुख पहलों की शुरुआत की है। फिक्की के साथ गूगल इंडिया और अन्य उद्योग के सदस्यों के साथ फिक्की ‘इंडिया लैंग्वेज इंटरनेट अलायंस’ लॉन्च कर रही है। ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं को स्थानीय भाषा सामग्री की विशाल क्षमता और लाभों को स्वीकार करते हुए यह गठबंधन स्थानीय भाषा सामग्री को बढ़ाने और देश भर में मानकों को स्थापित करने पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि ‘भारत इंटरनेट सम्मेलन 2017’ और ‘फिक्की- इलिया’ उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जिससे हम भारतीय आईसीटी क्षेत्र को बढ़ावा देने में सक्षम होंगे।

आईसीटी और डिजिटल इकोनॉमी कमेटी फिक्की के अध्यक्ष विराट भाटिया ने कहा कि इंडस्ट्री और सरकार को इंटरनेट और आईसीटी के विकास के लिए इसे सामाजिक-आर्थिक उपकरण के रूप में उपयोग करना चाहिए। फिक्की ने कहा कि देश में स्मार्टफोन के बेहतर संपर्क और बढ़ते प्रसार के कारण 2020 तक इंटरनेट से 650 मिलियन से अधिक भारतीय जुड़ जायेंगे। इस प्रयास के तहत इंटरनेट को उन भारतीयों के लिए और अधिक उपयोगी बनाया जायेगा, जो अंग्रेजी में सक्षम नहीं हैं।

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