एअरपोर्ट पर कनहैया पर किया इस युवक ने हमला

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जेएनयू स्टूडेंट लीडर कन्हैया कुमार पर आज एक बार फिर हमला किया गया। जेट एयरवेज के प्लेन में चढ़ते वक्त एक शख्स ने कन्हैया का गला दबाने की कोशिश की। हंगामा होते देख उस आदमी को सीआईएसएफ के जवानों ने धर दबोचा। इस शख्स से पुलिस पूछताछ कर रही है। खबरों के मुताबिक इस शख्स का नाम मानस डेका है। मानस भाजपा की नेशनल सेक्योरिटी सेल की सेंट्रल कमेटी का कोऑर्डिनेटर है और टीसीएस में काम भी करता है। भाजपा की आधिकारिक साइट www.bjp.org पर इसका जिक्र है।

एक बार फिर कन्हैया पर हुआ हमला, प्लेन में एक शख्स ने दबाया गला
फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक मानस मूल रूप से गुवाहाटी का रहने वाला है। फिलहाल वह पुणे में रह रहा है। उसने पुणे यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और टीसीएस में सिस्टम इंजीनियर है। तीन साल पहले साल 2013 में मानस की शादी हुई थी। मानस भाजपा की नेशनल सेक्योरिटी सेल की सेंट्रल कमेटी में दिल्ली और गुवाहाटी का कोऑर्डिनेटर है।

जेट एयरवेज की फ्लाइट से कन्हैया मुंबई से पुणे जा रहे थे और यह फ्लाइट सुबह दस बजे की थी। कन्हैया पर हमला होने के बाद मानस को प्लेन से उतारकर मुंबई पुलिस के हवाले किया गया। वहीं, कन्हैया भी प्लेन से उतर गया। उसने थोड़ी देर बाद ट्विटर पर घटना का विवरण दिया।

कन्हैया ने जेट एयरवेज पर भी निशाना साधा। उसने लिखा, एयरलाइन हमला करने वाले और जिस पर हमला हुआ दोनों के बीच का अंतर भी नहीं समझ सकती। अगर आप शिकायत करें तो आपको प्लेन से उतर जाने के लिए कहा जाएगा। एयरलाइंस के अधिकारियों ने हमलावर के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही नहीं की।

वहीं, जेट एयरवेज़ ने सफाई देते हुए कहा है कि परिचालन सुरक्षा के मद्देनज़र मुबंई से पुणे जाने वाली फ्लाइट में से कुछ यात्रियों को उतार दिया गया है। एयरलाइन की तरफ से आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि ‘जेट एयरवेज़ के लिए उसके मेहमानों और क्रू की सुरक्षा सर्वप्रथम है।’

कन्हैया का गला दबाने के मामले में अभी भाजपा की तरह से भी कोई बयान सामने नहीं आया है। हालांकि मानस डेका के फेसबुक एकाउंट तक लोगों ने पहुंच बना ली है। कुछ लोग मानस डेका की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग उसका विरोध।

पिछले महीने दो बाइक सवारों ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी से लौटते समय कन्हैया पर हमला करने की कोशिश की थी। कन्हैया पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है। हालांकि कोर्ट की ओर से मिली अंतरिम जमानत पर वह छह महीने के लिए जेल से बाहर है। कन्हैया पर जेएनयू में देशद्रोही नारे लगाने का आरोप है।

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