छत्तीसगढ़ में आधार कार्ड के बिना जमानत के बाद भी नहीं मिलेगी रिहाई

छत्तीसगढ़ में आधार कार्ड के बिना जमानत के बाद भी नहीं मिलेगी रिहाई

देश में नए नए नियम लागू होते ही रहते हैं। कई नियम तो अच्छे लगते हैं लोगो को और कई उन्हे जरा भी पसंद नहीं आते। वैसे भी लोगो को बदलाव कम ही भाता है। ऐसे में हमेशा सरकार को भी सोच समझ कर ही कदम उठाना पड़ता है। ऐसा ही कुछ नियम लागू किया गया है छत्तीसगढ़ में। आज के वक़्त में आधार कार्ड कितना जरूरी ये तो हमें पता ही है। लगभग हर चीज के लिए आधार कार्ड जरूरी है। ऐसे में अब आधार कार्ड की महत्व और भी बढ़ गया है। और ये हुआ है छतीसगढ़ में। हुआ कुछ ऐसा कि कुछ दिन पहले एक आदिवासी को जेल से जमानत तो मिल गई पर रिहाई नहीं मिल पाई। और ये सिर्फ इसलिए हुआ क्युकी उसके पास आधार कार्ड नहीं था। 

अब छत्तीसगढ़ में एक नया नियम निकला है कि अगर आपको जमानत मिल जाए पर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो आपको रिहाई नहीं मिलेगी। यह नियम छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लगाया है। उसके तहत राज्य में किसी भी मामले के लिए अगर किसी व्यक्ति को जेल से जमानत मिल जाती है तो, उस व्यक्ति का और उसको जमानत दिलाने वाले का आधार कार्ड जमा हो जाएगा और एक हफ्ते बाद जब उसका सत्यापन ho जाएगा तभी उसको रिहा किया जाएगा। अब जब से इस मामले पर मुहर लगा है तब से कितने ही लोग परेशान है। ऐसा कितना सारा सिचुएशन है जिसमे या तो कभी अभिव्यक्त के पास आधार कार्ड नहीं है, तो कभी जमानत देने वाले पर। इसका नतीजा ये जो रहा है कि जमानत मिलने के बाद भी कई अभिव्यक्त जेल में है। देश में ऐसे कई मामले हैं जिसके लिए आधार कार्ड को जरूरी होने के खिलाफ केस चल रहा है। क्यूकि आज भी देश में कई ऐसे लोग है जिनके पास ना तो आधार कार्ड है और नाही कोई पहचान पत्र की आधार कार्ड बन सके।

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