दिल्ली में पहली बार वर्ल्ड फूड इंडिया का आयोजन, तैयारी शुरू

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वैश्विक स्तर पर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भारत को बढ़ावा देने के लिए पहली बार देश की राजधानी दिल्ली में वर्ल्ड फूड इंडिया का आयोजन होने जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में कई देश शिरकत करेंगे। अभी तक लगभग 30 देशों ने इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। इटली ने भी ध्यान केंद्रित देश के रूप में अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है। नीदरलैंड इस मेले में फोकस देश रहेगा। नीदरलैंड ने भारत में लगभग 6 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश किया है और करीब 200 डच कंपनियां यहां कारोबार कर रही हैं। यह बात खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति सन्मार्ग के साथ विशेष बातचीत में कही।
 साध्वी ने कहा कि हाल ही में वह वर्ल्ड टूर पर थी, जहां फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश को लेकर उन्हें अच्छा रेस्पोंस मिला। भारत के बेहतर हालात और प्रधानमंत्री मोदी के वीजन के कारण विदेशी कंपनियां भारत में निवेश के लिए इच्छुक हैं। साध्वी ने बताया कि अपने विदेश दौरे पर उन्होंने दुबई और इंडोनेशियाई कंपनियों को भी आमंत्रित किया है।  साध्वी ने कहा कि देश में खाद्य पदार्थों के संरक्षण के अभाव में लाखों टन सब्जियां और फल बर्बाद हो जाते हैं। हमने इस बर्बादी को रोकने के लिए खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया है।
 साध्वी ने कहा कि औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग की ओर से प्रदान किए गए आंकड़े के अनुसार 2016-17 में देश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कुल 72.722 करोड़ डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आया, जबकि 2014-15 में 51।586 करोड़ डॉलर की एफडीआई आई थी। उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित या पैदा हुए खाद्य उत्पादों के रिटेल व्यापार के लिए 100 फीसदी एफडीआई से जुड़े 3764 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है।
साध्वी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। इस क्षेत्र का विकास होगा तो किसानों के हालात सुधरेंगे और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। केंद्र सरकार की योजना फूड पार्क्स और कोल्ड स्टोरेज को बढ़ावा देना है। इस स्कीम से 20 लाख किसानों को मदद मिलेगी और साढ़े पांच लाख से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा है। केंद्र सरकार की किसान संपदा योजना से किसानों, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर और व्यवसाइयों को काफी मदद मिली है।
साध्वी ने कहा कि हालांकि अभी भी फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र प्रशिक्षि‍त जनशक्ति की भारी कमी से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए और वैश्विक बाजारों तक पैठ बनाने के लिए हम कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।  समग्र गुणवत्ता प्रबंधन (टीक्यूएम) के विभिन्न पहलुओं जैसे गुणवत्ता नियंत्रण, गुणवत्ता प्रणाली एवं गुणवत्ता आश्वासन को पूर्ण सफलता के लिए हम कार्य कर रहे हैं। खाद्य प्रसंस्कृत क्षेत्र में उत्पादों, प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए लगातार अनुसंधान एवं विकास की आवश्यकता है।
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