दुनिया के वो शहर जो अपऩाते नहीं बस अपना बना लेते है

दुनिया के वो शहर जो अपऩाते नहीं बस अपना बना लेते है

ये दुनिया बड़ी खूबसूरत और ये तो हम जानते ही हैं। हमे हर वक़्त कुछ पाने की चाह में अपने शहर से दूर जाना पड़ता और ये वक़्त बहुत हद तक तोड़ देता है। शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसे अपने शहर से और अपनों से दूर रहना अच्छा लगता हो। लेकिन कुछ शहर ऐसे भी हैं इस दुनिया में जो आपको खुली बाहो से अपनाते हैं। ऐसे शहरों से आपको महसूस भी नहीं होगा को आप आपने शहर को छोड़ कर आये हैं। ऐसे शहर को eternal city या सनातन शहर के नाम से जाना जाता है। इनमे से हमारा काशी भी एक है। इसी तरह से यूरोप के रोम और एथेंस को भी सनातन शहर का दर्जा प्राप्त है।

सनातन शहर वो शहर हैं जो हज़ारों साल से आबाद हैं। इन शहरों में हज़ारों साल पहले से इंसान के रहने के सबूत मिलते हैं। ऐतेहासिक शहरों में एथेंस अपने आप में ही बहुत खास है। यहां के हर खंडहर में कुछ कहानी छुपी मिल जाएगी। एथेंस की हर एक गली से जुड़े ना जाने कितने ही दास्तान हैं। एथेंस वो शहर है जिसे यूरोप की सभ्यता का केंद्र माना जाता है। इसे पश्चिमी देशों के सभ्यता की राजधानी भी कहा जाता है।एथेंस की इमारतें और खंडहर पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति की बुनियाद है और इसकी पहचान है। एथेंस के खंडहरो में यूनान की पुरानी सभ्यता भी आबाद है। इसको ग्रीक भाषा में फिलॉजिनिया कहते हैं और इसका मतलब होता है आजनबीयों से इश्क़ हो जाना। जैसे ही कोई एथेंस जाता है वैसे ही वहा एक गजब सी गरमजोशी का एहसास होता है। इसके साथ ही एक अपनेपन का माहोल भी होता है। एथेंस वो शहर है जो दिल से, बाहें फैला कर हर आने वाले का स्वागत करता है और साथ उनके दिल में बसता है और उनको भी अपनी वादियों में बसा लेता है। ये शहर बस अपने इस अनोखे अंदाज से अपना बना लेता है।

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