‘हो गया दिमाग का दही’ के जरिए कादर खान बताएंगे कि कला उम्र की मोहताज नहीं

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जी हां, कई लोगों के मन में ये सवाल आता है कि मेरी उम्र हो चली है.. मैं ये काम कर पाऊंगा क्या? लेकिन ‘हो गया दिमाग का दही’ में जब आप कादर खान को कॉमेडी करते देखेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि कला और उम्र में बहुत फासला है। कला उम्र की मोहताज नहीं होती और कला हो तो बढ़ती उम्र भी छोटी नज़र आती है। कादर खान लंबे समय बाद बॉलीवुड की हिट कॉमेडी फिल्म देने जा रहे हैं। उन्हें देखकर आप भी कह उठेंगे… मान गए खान साहब… इस उम्र में भी… वाह… सच में आपने तो हंसा-हंसा कर दिमाग की दही ही कर दी… वाह…आपकी कॉमेडी को सलाम है..
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