हॉलीवुड में भारत का उड़ता मजाक

0
591
views

आज के दौर में जहां हमारे रहन-सहन और विचार पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव ज्यादा है तो भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म से भी पश्चिम के लोग कम प्रभावित नहीं हैं. उनके जीवन में खान-पान, पहनावा और यहां तक कि फिल्मों में भी अब सहज ही हिंदू धर्म का प्रभाव और इसके प्रतीकों के व्यापक इस्तेमाल को देखा-समझा जा सकता है. अगर बात हॉलीवुड फिल्मों की हो तो यहां भी हिंदू धर्म और इसके प्रतीकों का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि इसके पीछे मकसद विशुद्ध व्यापारिक ही होता है. और यही वजह है कि कई बार इन फिल्मों के माध्यम से हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों की भावनाएं आहत होती हैं. इस चलन का हालांकि एक व्यावसायिक पक्ष भी है. दरअसल, पिछले कुछ सालों में हॉलीवुड फिल्मों के लिए भारत एक बड़ा बाजार बनकर उभरा है. और शायद यह भी एक बडी वजह है कि हॉलीवुड फिल्मों में हिंदू प्रतीकों का जम कर इस्तेमाल हो रहा है. शायद यह सोच कर भी कि विवाद से मुफ्त प्रचार और फिर उससे ढेर सारी कमाई हो जाएगी. हॉलीवुड की सोनी पिक्चर्स, वार्नर ब्रदर्स, डिजनी, पैरामाउंट और मोशन पिक्चर्स जैसी कई बड़ी प्रोडक्शन कंपनिया भारत में सक्रिय रूप से काम कर रहीं हैं. विदेशी प्रोडक्शन कंपनियों में भारत और हिंदू धर्म को परदे पर दिखाने के प्रति रुचि ब़ढी है. हिंदू धर्म को हॉलीवुड फिल्मों में दिखाए जाने के पीछे एक और दिलचस्प कारण है. विदेशियों के लिए आज भी भारत की बहुत से चीजें अपरिचित, आकर्षक,  विचित्र और विविधता लिए हुए हैं. हिंदू धर्म काफी समृद्धशाली है, इसमें प्रयोग की अपार संभावनाएं हैं. हॉलीवुड में हो रहे प्रयोगों से इस धर्म का प्रभाव व्यापक तौर पर ब़ढा है. इससे सर्वधर्म समभाव की परिकल्पना सत्य होती है, हमें एक-दूसरे के धर्म को जानने का मौका मिलता है, पर कई बार सृजनशीलता के चक्कर में ऐसी चीजें भी पेश कर दी जाती हैं, जो हिंदू धर्मावलंबियों की भावनाओं को आहत करती हैं. साथ ही अन्य धर्मों को मानने वाले लोगों के बीच भी उस धर्म विशेष के प्रति तमाम तरह की शंकाएं पैदा हो जाती हैं. इसके कई उदाहरण हॉलीवुड में देखे जा सकते हैं: आइज वाइड शट: श्रीलंकाई तमिल कर्नाटक शैली के गायक मानिकराम योगेश्वरन से लंदन के एक स्टूडियो में जब गीता के श्लोक गाने के लिए कहा गया तो उनकीखुशी का कोई ठिकाना न रहा, क्योंकि उन्हें विश्व स्तर पर परफॉर्म करने का मौका मिल रहा था. पर इसका इस्तेमाल स्टेनले क्यूब्रिकके निर्देशन में बनी विवादित फिल्म आइज वाइड में टॉम कू्रज और निकोल किडमैन के अंतरंग दृश्यों के फिल्मांकन में किया गया. योगेश्वरन को पता भी नहीं था कि उनके द्वारा गाए श्लोक का इस्तेमाल इस तरह से किया जाएगा. पूर्व और पश्चिम के बीच का यह मेल कई लिहाज से अच्छा है. इससे कला का एक नया और बेहतर स्वरूप सामने आ सकता है, लेकिन इस तरह के फ्यूजन हिंदुओं की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को चोट भी पहुंचा सकते हैं. गीता के श्लोकों का इस तरह के दृश्यों के साथ जोड़ा जाना किसी लिहाज से सही नहीं है. गीता के श्लोक, परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च…युगे युगे को फिल्म से हटाने की मांग की गई. अमेरिका में दक्षिण एशियाई पत्रकार एसोसिएशन के सदस्यों ने इस संदर्भ में कहा कि हिंदू धर्म के प्रतीकों का रूपांकन हल्के अंदाज में किया जा रहा है, जबकि इस तरह का व्यवहार अन्य धर्मों से संबंधित विषयों-प्रतीकों के साथ नहीं किया जाता. होली स्मोक: इसी कड़ी में केट विंसलेट और हार्वे केटल अभिनीत फिल्म होली स्मोक को भी कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. इसकी भारत में शूटिंग को लेकर कहा गया कि इसमें हिंदू धर्म को नास्तिक तरीके से प्रस्तुत किया गया है. नाइन लाइव्स: विश्व प्रसिद्ध सोनी म्यूजिक ने वर्ष 1997 में नाइन लाइव्स सीडी निकाली थी. इसमें भगवान कृष्ण को अपमानजनक मुद्रा में दिखाया गया था. भगवान कृष्ण के सीने से ऊपर का हिस्सा बिल्ली का था. इंडियाना जोंस एंड टेंपल ऑफ डूम: स्पिलबर्ग ने इंडियाना जोंस और द टेंपल ऑफ डूम में दो औरतों के चित्र दिखाए, जिसमें एक को विदूषक और दूसरी को दुष्टात्मा के रूप में दिखाया गया. सर्वविदित है कि हिंदू धर्म में देवी काली को बुराइयों को खत्म करने वाली शक्ति के रूप में जाना जाता है, लेकिन स्पिलबर्ग ने उन्हें दानवी के रूप में दर्शाया. मडोना: वर्ष 1998 में एमटीवी अवार्ड समारोह के दौरान मडोना ने खुद को भगवान शिव की वेशभूषा में प्रस्तुत करके अंतराष्ट्रीय फैशन जगत में हलचल मचा दी थी. मडोना ने इस बात को काफी भुनाया. टूडी स्टेलर: हाल में लंदन के रॉयल ओपेरा हाउस के तिब्ब्ती पीस गार्डेन में पॉप स्टार स्टींग्स की पत्नी टूडी स्टेलर एक ऐसी स्कर्ट में दिखी, जो भगवान गणेश के परिधानों की डिजाइन पर आधारित थी. इस ड्रेस की तारीफ तो हुई, पर ऐसे वस्त्रों पर हिंदुओं के देवी-देवताओं के चिन्हों-प्रतीकों का इस्तेमाल धर्म विरुद्ध है. जेना: वॉरियर प्रिंसेस: 1999 के फरवरी माह में दुनिया के सबसे मशहूर टीवी सीरियलों में से एक जेना: वॉरियर प्रिंसेस में कृष्ण, हनुमान, काली और इंद्रजीत जैसे हिंदू देवताओं को इस अंदाज में दिखाया गया, जिसकी चर्चा हमारे धर्मग्रंथों या किंवदंतियों में कहीं नहीं है. माइक मायर : वर्ष 1999 के अप्रैल माह में वैनिटी फायर के लिए फोटोग्राफर डेविड ला चैपल माइक मायर के शॉट्‌स ले रहे थे. इन शॉट्‌स में माइक मायर ने हिंदू देवी-देवताओं की वेशभूषा में एक कार्टूनिस्ट की तरह पोज दिया था. दक्षिण एशियाई पत्रकार संघ के सदस्यों ने इसकी निंदा की और कहा कि यह हिंदू देवी-देवताओं का घोर अपमान है, पर न्यूज वीक ने इस संदर्भ में सफाई दी कि हो सकता है, इस समय हॉलीवुड हिंदूवाद को बढ़ावा दे रहा हो.

Loading...
loading...

Leave a Reply