स्पोर्ट्स फिल्मों का दर्शकों पर चढ़ा खुमार

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भाग मिल्खा भाग की अपार कामयाबी ने बॉलीवुड को खेलों पर फिल्में बनाने के लिए प्रेरित किया है. इस फिल्म की कामयाबी को देखते हुए और भी खिलाड़ियों पर फिल्में बनाने की तैयारी बॉलीवुड में हो रही है. बॉलीवुड में किसी ख़ास पटकथा पर फिल्म हिट हो जाए, तो ट्रेंड चल निकलता है, फिर उस पटकथा पर कई फिल्में बनती हैं, लेकिन सभी की किस्मत भाग मिल्खा भाग जैसी हो, यह जरूरी नहीं. अब ज़रा नज़र डालते हैं, बॉलीवुड में खेल पर बनी अब तक की फिल्मों पर.
इसी वर्ष फरवरी में स्पोर्ट्स पर एक और फिल्म रिलीज हुई थी काई पो चे. चेतन भगत के उपन्यास थ्री मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ पर बनी इस फिल्म को भी काफ़ी सराहा गया. हालिया रिलीज फिल्म भाग मिल्खा भाग ने अब तक 90 करोड़ की कमाई कर चुकी है. हालांकि इससे पहले भी कुछ फिल्में खेलों पर बन चुकी हैं, लेकिन वो दर्शकों को कुछ ख़ास आकर्षित नहीं कर पाईं. इन फिल्मों से पहले कभी बॉलीवुड ने इस विषय पर फिल्म बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई. शायद इसकी एक वजह यही रही कि जब भी यहां इस विषय पर फिल्में बनाई गईं, उन्हें कुछ ख़ास सफलता नहीं मिली. लगान की सफलता के बाद क्रिकेट को बड़े पर्दे पर भुनाने के लिए तमाम फिल्में आईं, जिसमें स्टम्प्ड, इकबाल, सलाम इंडिया, हैट्रिक, विक्ट्री, जन्नत, पटियाला हाउस वगैरह ख़ास हैं, लेकिन सफल स़िर्फ इकबाल और जन्नत रहीं.
शाहरुख स्टारर फिल्म चक दे को लेकर लोगों का रेस्पॉन्स देखने के बाद ही बॉलीवुड में स्पोर्ट्स आधारित फिल्मों में क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों पर भी फोकस किया जाने लगा. इसके बाद फुटबॉल पर दनादन गोल और कैरम पर स्ट्राइकर जैसी फिल्में आईं. इसी दौरान रानी मुखर्जी अभिनीत फिल्म दिल बोले ह़िडप्पा भी आई, लेकिन ये बॉक्स ऑफिस पर चलीं नहीं. हालांकि वूमेन क्रिकेट पर आधारित फिल्म दिल बोले ह़िडप्पा को काफ़ी सराहा गया, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाई.
वहीं एक ऐथलीट के डकैत बनने की सच्ची कहानी पर फिल्म पान सिंह तोमर भी काफ़ी पसंद किया गया. बॉलीवुड में स्पोर्ट्स पर आधारित कम फिल्में बनने के पीछे शायद यह भी वजह है कि स्पोर्ट्स फिल्में बनाने के लिए वक्त, रिसर्च और अनुभव, सब कुछ चाहिए. ऐसे में अगर एक फिल्म न चले, तो सारी मेहनत बेकार हो जाती है. यही वजह है कि बॉलीवुड में किसी नये विषय पर फिल्में बनाने का रिस्क फिल्मकार नहीं लेना चाहते.  हालिया ट्रेंड देखें, तो अब खिलाड़ियों की ज़िंदगी पर फिल्में बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है. फिल्म मेकर्स का तर्क है कि इस तरह कि फिल्मों में फैमिली इमोशनल ड्रामा दिखाने का पूरा स्कोप रहता है. भाग मिल्खा भाग में फ्लाइंग सिख की कहानी दिखाने के बाद इन दिनों मेरीकॉम पर फिल्म बन रही है. इसके बाद पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अज़हरुद्दीन और हॉकी लीजेंड ध्यानचंद पर फिल्म बनने की भी चर्चा है. सच तो यह है कि रियल लाइफ पर फिल्म और उसमें लव इमोशन का त़डका दर्शकों को ख़ुब भा रहा है.
बॉलीवुड की स्पोर्ट्स फिल्में
हिप हिप हुर्रे (1983) इस फिल्म से डायरेक्टर प्रकाश झा ने डेब्यू किया था. इस फिल्म में रांची के किसी स्कूल के फुटबॉल कोच की कहानी दिखाई गई थी. इस रोल को राजकिरण ने निभाया था.
बॉक्सर (1984) मिथुन चक्रवर्ती की यह फिल्म सिल्वेस्टर स्टालॉन की रॉकी सीरीज़ से इंस्पायर्ड थी.
लगान (2001) क्रिकेट पर आधारित इस फिल्म ने उस साल सबसे ज्यादा कमाई की थी. इसे ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेट किया गया था.
इकबाल (2005) छोटे बजट की इस फिल्म में श्रेयस तलप़डे ने गूंगे-बहरे क्रिकेट प्लेयर का रोल किया था, जो नैशनल टीम में शामिल होने का अपना सपना पूरा करता है.
चक दे (2007) किक्रेट से हटकर दूसरे खेलों को पर्दे पर दिखाने का क्रेडिट इसी फिल्म को जाता है. शाहरुख ने इसमें एक हॉकी कोच का रोल निभाया था, जो वूमेन टीम को गोल्ड मेडल तक लेकर जाता है.
दना दन गोल (2007) विदेश में साउथ एशियन प्लेयर्स को लेकर यह फिल्म बनाई गई थी. जॉन अब्राहम स्टारर यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर पाई थी.
दिल बोले हड़िप्पा (2009) रानी मुखर्जी और शाहिद कपूर अभिनीत इस फिल्म को काफी सराहा गया,  लेकिन यह फिल्म बॉक्स आफिस पर कुछ खास नहीं कर पाई.
पान सिंह तोमर (2012) इस फिल्म में एक ऐसे ऐथलीट की कहानी दिखाई गई थी, जिसे परिस्थितियां डकैत बना देती हैं. इस फिल्म के लिए अभिनेता इरफान खान को नैशनल अवॉर्ड भी मिला था.
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