सुरक्षित करें अपना भविष्य

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घर परिवार की जिम्मेदारियां निभाते कभी महिलाएं खुद के निर्भरता के बारे में नहीं सोचती। उनका सारा जीवन जिम्मेदारियों को पूरा करने में ही बीत जाता है। घरेलू महिलाएं सेविंग को लेकर कुछ खास जागरूक नहीं होती। घर की जिम्मेदारियों में उनका महत्वपूर्ण रोल होता है। थोडी बहुत बचत परिवार के जरूरत के वक्त काम आ जाता है। ऐसे में वे अपने लिए कुछ खास प्लानिंग नहीं कर पातीं। इसकी एक वजह यह भी है कि उन्हें विभिन्न सेविंग प्लांस की कोई जानकारी नहीं होती। उनके लिए सेविंग का मतलब गोल्ड इन्वेस्टमेंट, कैस या फिर बैंक में पैसे की बचत करना होता है। घर को चलाने में महिलाएं एक्सपर्ट श्रीमती का खिताब जरूर ले लेती हैं, लेकिन निवेष के मामले में वे श्रीमान पर ही निर्भर रहती हैं। हालांकि महिलाओं के लिए मजबूत निवेश बेहद जरूरी है, क्योंकि किसी भी तरह की  अप्रिय स्थिति से निपटने में यही उनके लिए सबसे बड़ा संबल होता है।

मिनाक्षी के पति की अचानक मौत ने उसकी जिंदगी बदलकर रख दिया. भावनात्मक रूप से तच् वह टूटी ही, आर्थिक रूप से भी उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. मिनाक्षी ने कभी कोई सेविंग नहीं की ना ही कभी अपने पति से उनके निवेशों और बचत के बारे में कोई जानकारी ली. वह पैसों को लेकर पूरी तरह से सुधीर पर निर्भर थी. घर खर्च के लिए एकमुश्त निर्धारित राशि वह सुधीर से ले लेती और सोचती सुधीर है तो उसे किस बात कि चिंता. वहीं सिमरन एक हाउस वाइफ हैं. वह एक जागरूक महिला हैं. वह अपनी कुशलता से घर खर्च में से कुछ न कुछ राशि बचाकर कई सेविंग प्लान में निवेष करती गई. मोहित फलैट खरीद रहे थे और कुछ रकम कम पड गई जिसे सिमरन ने अपने सेविंग्स से पूरा किया. और भी कई बार आडे वक्त सिमरन ने मोहित की मदद की. इससे मोहित की नजरों में सिमरन के लिए विश्वास और इज्जत और बढ गया.

आर्थिक विषयों के जानकार आलोक पुराणिक कहते हैं कि बदलते परिवेश में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव आया है. अब वित्तीय संस्थाएं भी महिलाओं को अपना टारगेट बना रही हैं, उन्हें आकर्षित करने के लिए तमाम तरह की योजनाएं चला रही हैं. लेकिन महिलाओं के पास विकल्पों की कमी होती है. वे जो भी बचत करती हैं उससे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हैं होता. हालांकि थोड़ी सूझ बूझ और जानकारी प्राप्त कर महिलाएं अच्छी बचत कर सकती हैं. पुराणिक कहते हैं कि पैसे कच् मैनेज करना या फाइनेंशियल प्लानिंग करना भी एक आर्ट है. जो लोग इस आर्ट को जानते हैं. उन्हें भविष्य में पैसे को लेकर दिक्कत नहीं हो सकती। बचाया हुआ पैसा बुरे वक्त या जरूरत के समय काम आ सकता है. बचत के लिए आपके पास अतिरिक्त पैसे होना जरूरी नहीं, बल्कि अपनी सीमित आय में भी आप कितनी सेंविग कर पाते हैं यह महत्वपूर्ण है. घरेलू महिलाएं चाहें तो 100 रुपये जैसी छोटी बचतों से आय का मजबूत साधन खड़ा कर सकती हैं.

पोस्ट आॅफिस में बचत
पोस्ट आॅफिस में मासिक आय योजना के तहत पांच साल तक के लिए निवेश कर सकती हैं. इसमें डेढ़ हजार से लेकर साढ़े चार लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं. वहीं संयुक्त खाते में नौ लाख रुपये तक जमा करने का विकल्प है. इसके अलावा आप पोस्ट आॅफिस में आरडी  भी करा सकती हैं. इसमें न्यूनतम दस रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है. इसके अलावा पोस्ट आॅफिस में बचत के लिए और भी कई स्कीम हैं.

पीपीएफ
पोस्ट आॅफिस में मौजूद पीपीएफ बचत का अच्छा विकल्प है. पीपीएफ के तहत आप एक वित्तीय वर्ष में 500 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक निवेश कर सकती हैं. यह विकल्प इसलिए भी अच्छा है कि इसमें निवेश करते रहने के तीन साल बाद आपको इसके आधार पर लोन मिल सकता है. साथ ही सात साल पूरे हफ्ते के बाद आप हर साल एक बार जरूरत के मुताबिक रकम निकाल भी सकती हैं.

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट्स (एनएससी)
पोस्ट आॅफिस में उपलब्ध यह स्कीम महिलाओं के लिए बढिया विकल्प है. इसमें न्यूनतम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है. इसमें दो समयावधि एक पांच साल और दूसरा दस साल के लिए निवेष का विकल्प है.

बैंक में बचत
सेविंग अकाउंटस
आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, एक्सिस बैंक और अन्य कई बैंक महिलाओ के लिए खास सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं. आईसीआईसीआई बैंक के वुमेन एडवांटेज अकाउंट के जरिए आप 10,000 रुपये के न्यूनतम निवेश पर पैसे जमा करा सकती हैं. आईडीबीआई बैंक के सुपर शक्ति अकाउंट महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प है. वहीं एक्सिस बैंक का वीमेंस सेविंग्स अकाउंट और स्मार्ट प्रीविलेज स्कीम भी बेहतर विकल्प है. इसमें कोई भी महिला 10,000 रुपए के बैलेंस से अकाउंट खोल सकती है. इस स्कीम में परिवार के किसी छोटे सदस्य के लिए एक जीरो बैलेंस अकाउंट भी खुल सकता है. एक्सिस बैंक के डेबिट कार्ड के साथ 50,000 रुपए तक का ज्वैलरी इन्स्योरेंस और 3 लाख तक का एक्सीडेंट इन्स्योरेंस आॅफर है. वहीं सहारा एबीएन एमरो बैंक ने शक्ति सेविंग अकाउंट नाम की स्कीम शुरू की है. इसमें महिलाओ के लिए मिनिमम बैलेंस 5,000 का रखा गया है. इसके साथ केड्रिट कार्ड फ्री है. कुछ अन्य बैंक महिलाओ को कम से कम बैलेंस और कम ब्याज दर की छूट देते हैं, कुछ बैंक महिलाओ को लुभाने के लिए मुफ्त डेबिट, क्रेडिट कार्ड और फ्री ज्वेलरी इन्स्योरेंस जैसी कई तरह की सुविधाएं देते हैं.

फिक्स डिपॉजिट
अगर आपके पास एकमुश्त रकम है तो फिक्स डिपॉजिट और लिक्विड फंड भी एक अच्छा विकल्प है. फिक्स्ड डिपॉजिट की जरिए एक निश्चित अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है. इस पर प्रत्येक बैंक औसतन 9 फीसदी से ज्यादा तक ब्याज देते हैं. लिक्विड फंड शार्ट टर्म डिपॉजिट है जिसमें आपातकालीन परिस्थितियच्ं कक् लिए पैसे जमा कर बचत खाते से बेहतर रिटर्न पाया जा सकता है. लिक्विड फंड आम तौर पर डेट में निवेश करते हैं और इस कारण इनमें जोखिम कम होता है. आम तौर पर इनका रिटर्न बैंकों के बचत खाते की तुलना में काफी अच्छा होता है.

रेकरिंग डिपॉजिट
इसमें आप हर माह 100 रुपये तक जमा कर सकती हैं. इसमें एक साल से लेकर लंबी अवधि तक के लिए निवेश किया जा सकता है. निवेश की अवधि पूरी होने के बाद आपको पूरी रकम ब्याज कक् साथ मिल जाएगी. इसके लिए जिस बैंक में आप आरडी कर रही हैं, उसमें आपका बचत खाता होना जरूरी है.

म्यूचुअल फंड
महिलाओ के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश बेहतरीन विकल्प हो सकता है. जबकि महिलाएं म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प में निवेश करने से दूर भागती हैं. म्यूचुअल फंड में सिप (सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान) के माध्यम से न्यूनतम 100 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है, जिसमें आपका पैसा लगातार बढता रहेगा. इस पर लंबे समय में उन्हें 10 से 15 फीसदी का औसतन रिटर्न मिल सकता है. यह बात जान लें कि म्यूचुअल फंड में आपकी रकम शेयर बाजार में लगाई जाती है. इसमें शेयर बाजार में सीधे निवेश कक् रिस्क जुड़े रहते हैं.

प्रॉपर्टी
अगर आपने इन सेविंग प्लांस के जरिए ठीक-ठाक रकम जमा कर ली है और निवेष करना है तो प्रॉपर्टी में भी हाथ आजमा सकती हैं. यह निवेश के लिहाज बेहतर है क्योंकि प्रापर्टी के दाम काफी तेजी से भागते हैं.
वित्तीय सलाहकार शैल कहती हैं कि हालांकि महिलाओं के लिए कुछ अलग तरह की निवेष की योजनाएं नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे अपनी सुविधा और जरूरत के हिसाब से अपने लिए उपयुक्त प्लान का चुनाव कर सकती हैं. निवेश के लिए प्लान का चुनाव करते वक्त इस बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि इसकी अवधि कितनी हैं और इसमें कितना लचीलापन है. साथ ही लिक्विडिटी का ख्याल रखना तो बेहद जरूरी है. इसके अलावा निवेश के लिए उस बैंक सहायता लें जिसमें मॉडर्न बैंकिंग की व्यवस्था हो. ताकि आप घर बैठे इंटरनेट के जरिए अपने निवेश पर नजर रख सकें. साथ हीं आपके बाकी अकाउंट और डीमैट अकाउंट एक ही बैंक में हो  तो अच्छा है जिससे आप अतिरिक्त सुविधाओं का लाभ भी उठा पाएंगी.

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