लेखी भोजपुरी को सम्मान दिलाने के लिए पीएम से मिलीं

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भोजपुरी भाषियों की संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा, विदेशों में बड़ी संख्या में भोजपुरी भाषी लोग रहते हैं। मॉरीशस में भोजपुरी भाषा को सम्मान प्राप्त है, लेकिन अपने ही देश में भोजपुरी भाषा को दोयम दर्जे की मान्यता प्राप्त है। भोजपुरी भाषियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए नई दिल्ली की सांसद मिनाक्षी लेखी ने यकिन दिलाया है कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही इस भाषा को बहुप्रतिक्षित सम्मान देंगे। 

्रपूरी दुनिया में भोजपुरी भाषियों की संख्या 15 से 20 करोड़ के करीब है। भोजपुरी न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी बोली जाती है। भोजपुरी को मॉरीशस सरकार ने तो 14 जून, 2011 को ही राष्ट्र भाषा का दर्जा दिया था। नई दिल्ली से सांसद मिनाक्षी लेखी ने कहा कि भोजपुरी को उचित सम्मान दिलाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हमने बात की। आशा है कि इस वर्ष के उतरार्ध तक प्रधानमंत्री भोजपुरी के उन्नयन एवं विकास हेतु वे  कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं करेंगे। मिनाक्षी लेखी ने कहा कि भोजपुरी भाषा को उसका सम्मान और अधिकार अवश्य  मिलना  चाहिए और इसके लिए हम संकल्पबद्ध हैं। लेखी ने कहा कि कुछ समय पूर्व भोजपुरी भाषियों का एक प्रतिनिधि मंडल रवि तिवारी और श्री सत्येंन्द्र उपाध्याय के नेतृत्व में उनसे मिला और भोजपुरी को उसका अधिकार दिलाने के लिए अपील की। प्रतिनिधि मंडल  द्वारा प्रस्तुत तथ्यों की पृष्ठभूमि में भोजपुरी तथा भोजपुरी भाषी क्षेत्र की समस्याओं को उसी समय संसद में उठाने का मैंने मन बना लिया था और अगर कांग्रेसी सांसदों ने मानसून सत्र की कार्यवाही  अविरल चलने दी  होती तो भोजपुरी संबंधित विषयक पर संसद में सार्थक चर्चा संभव थी। उन्होंने कहा कि भोजपुरी के साथ ही राजस्थानी और भोटी को संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कराने की मांग लेकर सांसदों का एक प्रतिनिधि मंडल अभी हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री जी से मिला था। लेखी ने विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सत्र में इन तीनों भाषाओं को अवश्य ही बहुप्रतीक्षित सम्मान प्रदान हेतु महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं।

आजकल अधिकांश भोजपुरी फिल्मों व एलबमों में कला व संस्कृति के नाम पर फुहड़ता परोसी जा रही है। इससे हमारी भोजपुरी कला व संस्कृति पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। भोजपुरी को आम तौर पर लोग फुहड़ व अश्लील गीतों से पहचानने लगे हैं, जबकि यह एक सुंदर और सम्मानित भाषा है। इसके सम्मान के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना चाहिए। भोजपुरी भाषा, कला व संस्कृति के मान-सम्मान को शिखर तक पहुंचाने के लिए हमें एकजुट होना पड़ेगा। 
रवि तिवारी, पुर्वांचल मोर्चा,भारतीय जनता पार्टी

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