भारत ब्रिटिश शासन के अधीन होता तो अच्छा होता: मार्क एंड्रीसन, न्यूट्रैलिटी पर भारत का फैसला गलत,

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कैलिफोर्निया. भारत के नेट न्यूट्रैलिटी के समर्थन में आने और अपनी फ्री बेसिक्स की महत्वाकांक्षी योजना अटकने से फेसबुक तिलमिला सा गया है। बुधवार को फेसबुक के एक बोर्ड डायरेक्टर ने ट्वीट किया कि भारत ब्रिटिश शासन के अधीन ही रहता तो अच्छा होता। इस अधिकारी का नाम है- मार्क एंड्रीसन। मार्क सिलिकॉन वैली के सबसे बड़े पूंजीपतियों में से एक हैं और फेसबुक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य हैं। वो इस बात से भड़के हुए हैं कि लाख कोशिशों के बावजूद फ्री बेसिक्स भारत में काम नहीं कर पाया। दो दिन पहले ट्राई नेट न्यूट्रैलिटी खत्म करने से मना कर दिया था। हैरान करने वाली बात ये है कि फेसबुक के इस अधिकारी को लगता है कि भारत नेट न्यूट्रैलिटी जैसे फिजूल के विचार का समर्थन कर रहा है।

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विवाद बढ़ता देख मार्क ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। एक ट्वीट में लिखा- मैं भारत ही नहीं, किसी भी देश में उपनिवेशवाद का विरोधी हूं। एक अन्य ट्वीट में लिखा- अब वे भारत की अर्थव्यवस्था और राजनीति पर कभी चर्चा नहीं करेंगे। लेकिन लोग नहीं रुके। मार्क के खिलाफ 6 घंटे में सैंकड़ों ट्वीट और फेसबुक मैसेज हुए। एक कमेंट था-क्या फेसबुक ये सोचकर बैठा है कि भारत अब उनका गुलाम हो जाएगा?’ एक का कटाक्ष था-पहली बार देखा कि कोई कुछ मुफ्त में देने के लिए इतना मरा जा रहा है कि सबसे लड़ाई मोल लेने को भी राजी है। अधिकांश ने तो यहां तक लिख दिया कि अब भारतीयों को फेसबुक का बहिष्कार कर देना चाहिए। एक कमेंट था-अगर भारत के आधे युवा भी फेसबुक से नाराज हो गए तो जकरबर्ग को लेने के देने पड़ जाएंगे। इन टिप्पणियों के बाद एंडरसन ने ट्वीट किया- गुड नाइट इंडिया!

 

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