टीआरपी और कमाई के लिए हिंदू धर्म का मजाक उड़ाते फिल्मकार

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ंंबॉलीवुड फिल्मों को लेकर आएदिन विवाद होता है कि उनमें हिंदू धर्म का मजाक उड़ाया गया है, लेकिन बॉलीवुड में ही नहीं हॉलीवुड में भी हिंदू धर्म गलत तरीके से पेश किया जाता है। हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी ही हॉलीवुड फिल्मों के बारे में जिनमें हिंदू धर्म के प्रतिकों का गलत जगह इश्तेमाल किया गया।

इन दिनों बनारस पर बनी बहु प्रतिक्षित फिल्म मोहल्ला अस्सी अपने ट्रेलर को लेकर चर्चा में है। चंद्र प्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में महिला पात्रों के साथ ही भगवान शिव की भेषभूषा वाले व्यक्ति को भी गाली देते हुए दिखाया गया है। हालांकि फिल्मकार का कहना है कि फिल्म में कुछ गालियों को यहां की पहचान के तौर पर दिखाया गया है, जबकि काशी का अस्सी पुस्तक के लेखक डॉ काशी नाथ सिंह ने कहा कि उनकी किताब में किसी महिला पात्र ने गाली नहीं दिया। हालांकि फिल्मों में हिंदू धर्म को इस तरह से दिखाने के पीछे मकसद सिर्फ कमर्शियल होता है। दरअसल इस तरह के विवाद से इन फिल्मों को रिलीज से पहले ही विवाद से मुफ्त प्रचार हो जाता है और बॉक्स आॅफिस पर अच्छी कमाई भी हो जाती है।

इन दिनों भारत में हॉलीवुड की सोनी पिक्चर्स, वार्नर ब्रदर्स, डिजनी, पैरामाउंट और मोशन पिक्चर्स जैसी कई बड़ी प्रोडक्शन कंपनिया सक्रिय हैं। हिंदू धर्म को हॉलीवुड में खूब फिल्माया जा रहा है और पसंद किया जा रहा है। लेकिन कई बार सृजनशीलता के चक्कर में फिल्मों में ऐसी चीजें भी पेश कर दी जाती हैं, जो हिंदू धर्मावलंबियों की भावनाओं को आहत करती हैं। साथ ही अन्य धर्मां के को मानने वाले लोगों के बीच भी उस धर्म विशेष के प्रति तमाम तरह की शंकाएं पैदा हो जाती हैं। दरअसल विदेशियों के लिए आज भी भारत की बहुत से चीजें अपरिचित, आकर्षक, विचित्र और विविधता लिए हुए हैं। आजकल विदेशों में हिंदू धर्म को अपनाने वालों की संख्या बढ़ रही है। हिंदू धर्म काफी समृद्धशाली है, इसमें प्रयोग की अपार संभावनाएं हैं। शायद यही वजह है कि हिंदू धर्म को आज को हॉलीवुड में फिल्माया जा रहा है। ये है कुछ फिल्में जिनमें हिंदू धर्म और प्रतिकों को गलत तरीके से इश्तेमाल किया गया है।

आइज वाइड शट: श्रीलंकाई तमिल कर्नाटक शैली के गायक मानिकराम योगेश्वरन से लंदन के एक स्टूडियो ने गीता के श्लोक गाने के लिए बुलावा भेजा। वे काफी खुश हुए, क्योंकि उन्हें विश्व स्तर पर परफॉर्म करने का मौका मिल रहा था। पर इसका इस्तेमाल स्टेनले क्यूब्रिकके निर्देशन में बनी विवादित फिल्म आइज वाइड में टॉम कू्रज और निकोल किडमैन के अंतरंग दृश्यों के फिल्मांकन में किया गया। योगेश्वरन को पता भी नहीं था कि उनके द्वारा गाए श्लोक का इस्तेमाल इस तरह से किया जाएगा।

होली स्मोक: इसी कड़ी में केट विंसलेट और हार्वे केटल अभिनीत फिल्म होली स्मोक को भी कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसकी भारत में शूटिंग को लेकर कहा गया कि इसमें हिंदू धर्म को नास्तिक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

नाइन लाइव्स: विश्व प्रसिद्ध सोनी म्यूजिक ने वर्ष 1997 में नाइन लाइव्स सीडी निकाली थी। इसमें भगवान कृष्ण को अपमानजनक मुद्रा में दिखाया गया था। भगवान कृष्ण के सीने से ऊपर का हिस्सा बिल्ली का था।

इंडियाना जोंस एंड टेंपल आॅफ डूम: स्पिलबर्ग ने इंडियाना जोंस और द टेंपल आॅफ डूम में दो औरतों के चित्र दिखाए, जिसमें एक को विदूषक और दूसरी को दुष्टात्मा के रूप में दिखाया गया। सर्वविदित है कि हिंदू धर्म में देवी काली को बुराइयों को खत्म करने वाली शक्ति के रूप में जाना जाता है, लेकिन स्पिलबर्ग ने उन्हें दानवी के रूप में दर्शाया।

मडोना: वर्ष 1998 में एमटीवी अवार्ड समारोह के दौरान मडोना ने खुद को भगवान शिव की वेशभूषा में प्रस्तुत करके अंतराष्ट्रीय फैशन जगत में हलचल मचा दी थी। मडोना ने इस बात को काफी भुनाया।

टूडी स्टेलर: हाल में लंदन के रॉयल ओपेरा हाउस के तिब्बती पीस गार्डेन में पॉप स्टार स्टींग्स की पत्नी टूडी स्टेलर एक ऐसी स्कर्ट में दिखी, जो भगवान गणेश के परिधानों की डिजाइन पर आधारित थी। इस ड्रेस की तारीफ तो हुई, पर ऐसे वस्त्रों पर हिंदुओं के देवी-देवताओं के चिन्हों-प्रतीकों का इस्तेमाल धर्म विरुद्ध है।

जेना: वॉरियर प्रिंसेस: 1999 के फरवरी माह में दुनिया के सबसे मशहूर टीवी सीरियलों में से एक जेना: वॉरियर प्रिंसेस में कृष्ण, हनुमान, काली और इंद्रजीत जैसे हिंदू देवताओं को इस अंदाज में दिखाया गया, जिसकी चर्चा हमारे धर्मग्रंथों या किंवदंतियों में कहीं नहीं है।

माइक मायर: वर्ष 1999 के अप्रैल माह में वैनिटी फायर के लिए फोटोग्राफर डेविड ला चैपल माइक मायर के शॉट्स ले रहे थे। इन शॉट्स में माइक मायर ने हिंदू देवी-देवताओं की वेशभूषा में एक कार्टूनिस्ट की तरह पोज दिया था। दक्षिण एशियाई पत्रकार संघ के सदस्यों ने इसकी निंदा की और कहा कि यह हिंदू देवी-देवताओं का घोर अपमान है, पर न्यूज वीक ने इस संदर्भ में सफाई दी कि हो सकता है, इस समय हॉलीवुड हिंदूवाद को बढ़ावा दे रहा हो।

बॉक्स
यह हिंदू धर्म की कमी है। अन्य धर्मों के लोग अपने धर्म के लिए जीते हैं और मरते हैं, लेकिन हिंदू धर्म के लोग इन विषयों पर ज्यादातर चुप ही रहते हैं। इसके अलावा धर्म और संप्रदाय में लोग बंटे हुए हैं। हमारे धर्म में कई करोड़ देवी देवता हैं। कोई भगवान शिव को मानता है, कोई कृ ष्णा को, कोई हनुमान को तो कोई दुर्गा को। सभी सिर्फ अपने इष्टदेव को सम्मान करते हैं। वे सोचते हैं कि किसी और देवता का अपमान हो रहा है तो हमें क्या मतलब। पर वे यह नहीं जानते कि सारे देवता एक ही परमपिता परमेश्पर के कई रूप हैं।
श्री श्री 108 महामंडलेश्वर श्री भइया दास जी महाराज

बॉलीवुड या हॉलीवुड फिल्मों में हिंदू धर्म को अपमान जनक तरीके से दिखाया जाना निंदनीय है। ऐसा कुछ भी ना दिखाया जाए, जिससे धर्म विशेष को मानने वालों की भावना को ठेस ना पहुंचे। इस बात का ख्याल रखना फिल्मकारों की नैतिक जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि फिल्मों को समाज का आइना कहा जाता है। लोगों के दिलो दिमाग पर फिल्मों का बहुत प्र्रभाव होता है, ऐसे में धर्म से संबंधित ऐसी कोई चीज ना दिखाई जाए जो लोगों में गलत संदेश दे।
गिरीराज सिंह राज्यमंत्री केंद्रीय लघु मध्यम उद्योग

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