जब दिल ही टूट गया

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सत्तर और अस्सी के दशक में ग्लैमर का पर्याय मानी जाने वाली अभिनेत्री ज़ीनत अमान इन दिनों अपनी शादी को लेकर चर्चे में हैं. कुछ टेलीविजन चैनलों और अख़बारों ने तो उनकी शादी तक एक 36 वर्षीय व्यवसायी से करा दी. इन अफवाहों के बाद जीनत को मीडिया से रूबरू होना पड़ा. अपनी शादी की ख़बर का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात को लेकर काफ़ी दुख है कि उनके बारे में मीडिया में ग़लत अफवाहें फैलाई जा रही हैं. जीनत ने फिल्म इंडस्ट्री में एक बोल्ड अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान बनाई थी. जिस जमाने में अभिनेत्रियां साड़ी और लहंगे में दिखाई देती थीं, उस दौरान जीनत ने शॉर्ट्स ड्रेसेज एवं बिकनी पहन कर तहलका मचा दिया था. जीनत अमान ने 70 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में क़दम रखा. वह फिल्मों में छोटे-मोटे रोल ज़रूर कर रही थीं, लेकिन उन्हें सफलता मिली, देव आनंद की फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा से. यह फिल्म वर्ष 1971 में रिलीज हुई. फिल्म में जीनत अमान ने देव आनंद की बहन की भूमिका निभाई थी. जीनत ने राज कपूर की सुपर-डुपर हिट फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम में पारदर्शी साड़ी पहनीं और अभिनेता शशि कपूर के  साथ किसिंग सींस भी दिए थे, वहीं अभिनेता फिरोज ख़ान के साथ फिल्म कुबार्र्नी में काफ़ी हॉट सींस दिए. फिल्म के बहुत सारे दृश्यों में वह केवल बिकनी पहनी नज़र आईं. उन्होंने फिल्म इंसाफ का तराजू में अभिनेता राजबब्बर के साथ भी काफ़ी इंटीमेंट सींस दिए. जीनत उस जमाने की लोकप्रिय अभिनेत्री थीं. उनकी ख़ूबसूरती और उनका जादू लोगों के सर चढ़कर बोलता था. उस जमाने के फिल्मकार उनके दीवाने थे. चाहे वह देव आनंद हो या राजकपूर उनकी बोल्डनेस के सभी कायल थे. उन्होंने कभी सस्ती लोकप्रियता नहीं बटोरी और इसीलिए उन्होंने हमेशा अपनी गरिमा को बनाए रखा. हालांकि उनके जीवन में रिश्तों को लेकर एक अजीब कश्मकश बनी रही. वह प्यार में ख़ुद को समर्पित करने वाले लोगों में से थीं. वहीं उनका व्यवहार शॉर्ट टेम्पर्ड भी था, वह संयम नहीं रख पाती थीं. अपने इस व्यवहार के कारण हीं वह ज़्यादा समय तक किसी रिश्ते में बंधकर नहीं रह पाईं. उन्होंने प्यार किया और शादी भी की, लेकिन दोनों ही रिश्ते बहुत ज़्यादा समय तक नहीं चल पाएं. लेडी किलर देव आनंद को जीनत से आत्मीय अनुराग था. उन्होंने वर्ष 2007 में अपनी ऑटोबायोग्राफी में लिखा था कि वह जीनत के लिए गहरी आत्मीयता महसूस करते थे. पर देव साहब ने उस वक्त चुप रहना ही मुनासिब समझा, क्योंकि हरे रामा हरे कृष्णा की सफलता के बाद जीनत की नज़दीकियां राजकपूर से ब़ढ रही थीं और उस समय राजकपूर उन्हें लेकर अपनी फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम की तैयारी भी कर रहे थे. देव आनंद ने लिखा था कि जीनत एक ख़ुशमिज़ाज इंसान हैं. सच तो यह है कि अंजाने में ही मैंने उनके प्रति असीम प्यार महसूस किया. हम दोनों भावनात्मक रूप से एक दूसरे से जु़डे थे. राज कपूर ने अपनी अगली फिल्म इश्क, इश्क, इश्क के प्रीमियर पर इनवाइटेड ऑडिएंस के सामने ही जीनत अमान को किस कर लिया, इससे मुझे काफी जलन महसूस हुई. वह अपने प्यार का इज़हार जीनत से करना चाहते थे, लेकिन उसी दरम्यान देव ने एक पार्टी में देखा कि राज कपूर नशे में धुत्त थे और जीनत उनकी बाहों में थी. इन घटनाओं के संदर्भ में देव आनंद ने लिखा कि मेरा दिल बुरी तरह से टूट चुका था. फिर उन्होंने कभी भी जीनत से अपने प्यार का इज़हार नहीं किया कि वह उनके जीवन में क्या महत्व रखती थीं. देव लिखते हैं कि आप किसी के रास्ते में नहीं आ सकते. शायद मैं जीनत से थो़डी ईमानदारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन यही तो क़ायदा है, ज़िंदगी नाराज़गी से रुक नहीं जाती. कहीं और ले जाती है. हालांकि देवानंद ने यह भी स्वीकारा था कि उन्होंने जीनत को चाहा, लेकिन जीनत ने उन्हें कभी नहीं चाहा. यह एकतरफा मोहब्बत थी. देव आनंद के प्यार को तो जीनत ने नहीं अपनाया, लेकिन अभिनेता संजय खान के साथ वह काफ़ी दिनों रिलेशनशिप में रहीं, लेकिन दु:ख तो इस बात का है कि यह रिश्ता भी शादी में तब्दील नहीं हो पाया. ग़ौरतलब है कि उनकी संजय खान से मुलाक़ात जैसलमेर में वर्ष 1980 में फिल्म अब्दुल्ला के सेट पर हुई शूटिंग के दौरान दोनों में प्यार हो गया. उस समय वह स्टार थीं और इंडियन सिनेमा की हॉटेस्ट अभिनेत्रियों में शुमार भी थीं, जबकि संजय खान तीन बच्चों के पिता थे. बाद में इस रिश्ते का दुखद अंजाम हुआ. जीनत और संजय के बीच विवाद काफ़ी बढ़ गए, जिसके कारण दोनों अलग हो गए. ऐसा भी कहा जाता है कि एक झगड़े के दौरान संजय ने जीनत के साथ मारपीट की, जिससे जीनत के चेहरे पर काफ़ी चोटें आईं और उनकी एक आंख भी ख़राब हो गई. फिर अचानक, जीनत की ज़िंदगी में अभिनेता मज़हर ख़ान आ गए, जिनसे जीनत ने साल 1985 में शादी रचा ली. यह रिश्ता भी बहुत ज़्यादा दिनों तक नहीं टिक सका. इस दौरान मीडिया में ख़बरें आती रहीं कि मज़हर को ड्रग्स लेने की बुरी आदत है, जिसके कारण जीनत हमेशा मजहर से नाराज़ भी रहती थीं. कभी-कभी मज़हर जीनत पर काफ़ी अत्याचार भी करते थे, उन्हें बुरी तरह मारते-पीटते थे. इस शादी से जीनत को दो बेटे 26 वर्षीय अजान और 23 वर्षीय जहान हैं. वर्ष 1998 में मज़हर की कैंसर से मौत हो गई.
जीनत का फिल्मी सफ़र
जीनत का जन्म 19 नवंबर, 1951 को हुआ था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक मॉडल के  रूप में शुरू की. फिर मिस इंडिया और मिस एशिया पैसि़फ़िक चुनी गईं. उन्होंने 70 के दशक में छोटे-मोटे रोल्स के साथ अपना फ़िल्मी सफ़र शुरू किया. वर्ष 1972 में देव आनंद की फ़िल्म हरे रामा हरे कृष्णा उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई. इस फिल्म ने अचानक उन्हें स्टार की श्रेणी में लाकर ख़डा कर दिया. इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई हिट फिल्में दी. जीनत ने अपने करियर के शुरूआती दिनों में जहां किशोर कुमार और देव आनंद के साथ काम किया तो वहीं धर्मेंद्र, संजय खान, संजीव कपूर शम्मी कपूर, अशोक कुमार के साथ भी काम किया. उन्होंने उस समय के सुपर स्टार राजेश खन्ना के साथ काम किया तो उनकी जगह लेने वाले सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के साथ भी सफल जोड़ी बनाई, और कई हिट फिल्में दी. उन्होंने दो शदी के महानायकों के साथ काम किया. 

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