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कादर खान की वापसी

कहते हैं कला और कलाकार भावना पर काम करते हैं। उसी अनुरूप सोच रखते हैं। एक समय बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और कॉमेडी के बादशाह कादर खान बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे। फिर एक दौर आया जब थोड़ी दूरी भी आई और कादर खान ने एक इंटरव्यू में कहा था ह्यबदल गया मेरा अमिताभ। कादर खान वर्षों बाद वापसी कर रहे हैं तो खुद बिग बी ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है और देश को एक संदेश देने की कोशिश की है कि एक सच्चे कलाकार की भावना हमेशा एक सच्चे कलाकार के साथ होती है। वक्त कोई मायने नहीं रखता।

कादर खान अपने साथ काम करने वाले हर के साथ अपनी जोडी बखूबी बना लेते थे। अमिताभ बच्चन, शक्ति कपूर और गोविंदा के साथ खास उनकी जोडी को दर्शकों ने काफी पसंद किया।  गोविंदा के साथ उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में की। बाद में यह जोड़ी बिखर गई और गोविंदा और कादर खान की फिल्मों का दौर भी खत्म हो गया। कई वर्षांे बाद कादर खान फिल्म हो गया दिमाग का दही से दोबारा एंट्री कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड के बेस्ट कॉमेडियंस है। कहा जा रहा है कि यह फिल्म बॉलीवुड के बेहतरीन कॉमेडी फिल्मों में शुमार होगी। पेश है उनसे बाचतीत कुछ अंश……

कहा थे आप इतने दिनों तक?
फिल्मों से कुछ दिनों के लिए ब्रेक लेकर मैं परिवार समेत हज पर चला गया था।
क्या आपने बॉलीवुड को मिस नही ंकिया ?
मैंने बॉलीवुड को मिस किया और बॉलीवुड ने भी मुझे मिस किया होगा। अब मैं लौट आया हूं।
आपके परिवार में कौन कौन है?
मेरे तीन बेटे हैं। शरफराज और शाहनवाज और मेरा तीसरा बेटा कैनेडा में रहता है। शरफराज भी फिल्मों में किस्मत आजमा रहा है। उसकी कुछ फिल्में भी आई। वह मेहनती बच्चा है, लेकिन अभी भी उसे अच्छी स्क्रीप्ट वाली फिल्म का इंतजार है।
फिल्म हो गया दिमाग का दही से आपने वापसी की है। क्यों चुना आपने यह फिल्म?
इस फिल्म से मुझे काफी उम्मीदें हैं। दिमाग का दही को आॅफर जब मेरे पास आया और मैंने पटकथा सुना तो मुझे लगा मेरा इंतजार खत्म हो गया। यह भी एक साफ सुथरी पारिवारिक हास्य फिल्म है, जिसे आप पूरे परिवार के साथ बैठ कर देख सकते हैं। दरअसल मैंने इसलिए भी फिल्मों में काम करना बंद कर दिया था, क्योंकि अब जो कॉमेडी फिल्में बनती हैं वो ज्यादातर द्विअर्थी संवादों वाली बनती हैं। आपने देखा होगा मेरी जितनी भी फिल्में थी साफ सुथरी पारिवारिक फिल्में थी। आज के फिल्मकारों में मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा जैसा काम को लेकर जुनून देखने को नहीं मिलता। हालांकि मैंने कई लोगों के साथ काम किया, लेकिन मुझे सैटिशफैक्शन नहीं मिला।
फिल्म हो गया दिमाग का दही में आपके साथ अन्य कलाकार कौन हैं? और कै सा लगा उनके साथ काम कर के ?
इस फिल्म में मेरे साथ ओमपूरी जी हैं। वह अपने आप में एक बेहतरीन कलाकार हैं। संजय मिश्रा, राजपाल यादव और रज्जाक खान आज के बेहतरीन हास्य कलाकारों में से हैं। फिल्म डायरेक्टर ने कुशलतापुर्वक कलाकारों का चयन किया है। इनके साथ काम करना मेरे लिए काफी अच्छा अनुभव रहा।
क्या आगे भी फिल्मों में काम करेंगे आप?
जी हां इसी तरह की पटकथा वाली फिल्में मिली तो मैं अवश्य करूंगा। आगे दो फिल्में डेली मल्टीमीडिया लिमिटेड की परछाई और शमा में आप मुझे देख सकते हैं। आपको वहीं कादर खान देखने को मिलेगा। पर्दे पर हंसता हुआ। जोश और जुनून से लबरेज।

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कलाकार और लेखक 
कादर खान का जन्म 22 अक्टूबर, 1936 को काबुल, अफगानिस्तान के में हुआ था। कादर खान ने सह कलाकार, खलनायक और संवाद लेखक के रूप में जाने जाते हैं। कादर खान उन प्रतिभाशाली कलाकारों में से हैं जो हर भूमिका में खुद को एडजस्ट कर लेते हैं। अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म कुली से उन्हें बॉलीवुड में पहचान मिली। 70 के दशक में अमिताभ बच्चन और कादर खान ने कई हिट फिल्में दीं। जिनमें से कुछ है सुहाग, मुकद्दर का सिकंदर एवं अमर अकबर।  वहीं 90 के दशक में कादर खान और गांविदा की जोड़ी काफी हिट रही। उनकी कुछ बेहतरीन फिल्में हैं बाप नंबरी बेटा 10 नंबरी, दूल्हे राजा, अनाड़ी, सूर्यवंशम, हीरो नंबर 1, नौकर बीवी का, हसीना मान जाएगी, फंटूश। 300 से भी ज्यादा फिल्मों में उन्होंने काम किया। कादर खान ने अपने करियर की शुरूआत बतौर प्रोफेसर मुंबई के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से की। इस दौरान कादर खान कॉलेज में आयोजित नाटकों में हिस्सा लेते रहे। कॉलेज के वार्षिक समारोह में कादर खान के अभिनय से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी फिल्म ‘सगीना’ में काम करने का प्रस्ताव दे दिया। इस फिल्म के बाद उन्होंने काफी संघर्ष किया। इस दौरान दिल दीवाना, बेनाम, उमर कैद, अनाड़ी और बैराग जैसी फिल्में आई, लेकिन इससे उन्हें कोई फायदा नहीं मिला। मुकद्दर का सिकंदर, मिस्टर नटवरलाल, सुहाग, अब्दुल्लाह, दो और दो पांच, लूटमार, कुबार्नी, याराना, बुलंदी और नसीब जैसी कामयाब फिल्मों के बाद वह बतौर खलनायक फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गए। 1990 में रिलीज बाप नंबरी बेटा दस नंबरी कादर खान के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में कादर खान और शक्ति कपूर ने बाप और बेटे की भूमिका निभाई जो ठग बनकर दूसरों को धोखा दिया करते हैं। इस फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए कादर खान फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित भी किए गए।

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