कहीं आप भी शॉपिंग मेनिया के शिकार तो नहीं

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महिला हो या पुरूष बच्चें हो या बड़े शॉपिंग करना सभी को अच्छा लगता है, लेकिन समस्या तब होती है जब लोग खरीदारी के नाम पर फिजूलखर्ची करते हैं और महिलाएं तो इस मामले में कुछ ज्यादा ही बदनाम हैं. शॉपिंग का नाम लो तो कोई भी महिला मना नहीं करती. चाहे वह घरेलू महिला हो या कोई व्यस्त रहने वाली प्रोफेसनल महिला शॉपिंग के लिए समय निकाल ही लेती है. कई बार महिलाओं में शापिंग की इतनी बूरी लत लग जाती है कि वो शॉपिंग मेनिया की शिकार हो जाती हैं. जरुरत से ज्यादा शॉपिंग जो आपका बजट बिगाड़ दे आपके लिए नुकसान दायक हो सकता है. ऐसा माना जाता था कि यह शौक या बिमारी घरेलू महिलाओं में होता है. इसकी वजह यह है कि घर के कामों के और पति बच्चों को आॅफिस और स्कूल भेजने के बाद उनके पास समय ही समय होता है, ऐसे शॉपिंग उनका पसंदीदा फन होता है. लेकिन आज कल यह शौक किशोर और युवक युवतियों में कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है. यह वह उम्र होता है जब किशोर किशोरियों का ज्यादा ध्यान खुद को सजाने सवारने में लगा रहता है. ब्रांडस का के्रज और खरीदारी की लत आजकल के युवाओं में बढ़ता जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में 25-30 फीसदी युवा इससे पीड़ित हैं. यह लत लड़कों और लड़कियों दोनों में देखा गया है. फिजूलखर्ची अपने आप में एक बुरी आदत है. कई महिलाओं को तो हर पार्टी, त्योहार या गेट टुगेदर में नये कपड़े पहनने की लत होती है. ऐसा नहीं कर पाने पर उन्हें शर्मींदगी महसूस होती है. पुरुष जो कमाते हैं पत्नियां उस कमाई को अपने इस शौक में खर्च  करती हैं. फिजूलखर्ची यदि असामान्य तरीके से की जाये तो इस पर ध्यान देना चाहिए. कई बार औरतों की फिजूलखर्ची से घर बर्बाद हो जाते हैं. घर की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती और घर में बचत के नाम पर कुछ जमा नहीं हो पाता. सस्ती चीजे देखकर खुद को रोक नहीं पाते कई बार लोग जरुरत ना होने के बाद भी सस्ती चीजें मिलने की वजह से शापिंग कर लेते हैं. भले ही दो दिन में उसे इश्तेमाल से बाहर कर दें या कभी इश्तेमाल ही ना करें. इरा कॉलेज स्टूडेंट हैं वो कहती हैं कि कई बार कॉलेज से आते वक्त हम दोस्त घूमते हुए रोड साइड हाट की तरफ निकल जाते हैं खरीदारी का कोई प्लान नहीं होता फिर भी हम चीजें देखते है और दाम भी पूछ लेते है फिर मोल तोल के बाद आखिर खरीद ही लेते हैं. इरा कहती हैं कि इस तरह छोटी छोटी और सस्ती कई चीजें मैं खरीद लेती हूं और बाद में यह एहसास होता हैं कि मैं ये चीजें बस सस्ती होने की वजह से खरीदी. इन चीजों का एक दो बार इश्तेमाल कर लूं यही बहुत हैं. यह समस्या सिर्फ इरा की नही है, बल्कि अनगिनत लोग इस आदत के शिकार होते हैं.

डिस्काउंट हो तो कर ही लेते हैं खरीदारी
कुछ लोगों की आदत होती है कि किसी भी जगह डिस्काउंट देखते ही वहां घूस जाते हैं और जब एक बार दुकान के अंदर चले जाते हैं तो इस कदर दुकानदार के प्रभाव में आ जाते हैं कि न चाहते हुए भी उन्हें खरीदारी करनी ही पड़ती हैं. उपभोक्ता को लुभाने के लिए कंपनियों की स्ट्रेटजी होती है एक के े साथ कई फ्री. ऐसे में लोग खरीदारी कर ही लेते हैं जैसे उन्हें फ्री में मिल रहा है, जबकि वो प्रोडक्ट का पूरी पूरी कीमत चुकाते हैं.

उदास होने पर भी लोग कर लेते हैं शॉपिंग
कई बार जब लोग अपसेट होते तब भी शॉपिंग कर लेते हैं. आर्किटेक्ट पूजा कहती हैं कि कई बार मन उदास होता होता है या किसी बात से मन दुखी होता है तो मैंं शॉपिंग करने निकल जाती हूं. इसी बहाने दिमाग उस समस्या से था डाईवर्ट हो जाता है. हालांकि तब मेरा मकसद कुछ खास खरीदारी करना नहीं होता यह सिर्फ मन के बहलाव के लिए होता है.

अनलिमिटेड शॉपिंग
किसी भी चीज की लत बहुत बुरी होती है. ठीक वैसे ही शॉपिंग की लत भी बुरी होती है. आज की युवा पीढ़ी शॉपिंग की दीवानी है. आकृति एमबीए की छात्रा हैं उनका कहना है कि मुझे कहीं से क्रेडिट कार्ड मिल जाएं तो मै ं बिना रूके थके शॉपिंग कर सकती हूं. शापिंग मेरे लिए अच्छा टाईमपास है. वहीं वॉयस ओवर आर्टिस्ट दीपशिखा की अलग ही कहानी हैं दीपशिखा कहती है कि मेरे सेलरी का काफी बडा भाग शापिंग पर खर्च होता है मैं कपडे और फूटवियर रीपीट नहंीं कर सकती. ऐसे में अक्सर महिने के अंत तक मुझे अपनी रुममेट से उधार लेने तक की नौबत आ जाती है.

बार्गेनिंग भी फन है
हालांकि आजकल हर तरफ मॉल बन गए हैं और लोग शापिंग के लिए इन मॉल्स का ही रुख करते हैं जहां बार्गेनिंग का कोई सिस्टम नहीं होता. मॉल कल्चर के विस्तार शापिंग के लिए कंफर्टेबल जगह होने के बाद भी कुछ जगहों का अपना अलग ही क्रेज है. दिल्ली में पालिका लाजपत, सरोजनी और जनपथ जैसे कुछ जगह है जो शापिंग के लिए युवाओं के पसंदीदा जगह हैं और बार्गेनिंग का भी यहां काफी स्कोप होता है. डीयू की अर्पिता कहती है कि हम फ्रेंड्स में कॉम्पिटिशन होता है कि कच्च्न सबसे ज्यादा बार्गेन करा सकता है. और यह हमारे लिए फन होता है.

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