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अभावों से ऊपर उठा एक सितारा

हजारों लाखों लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई जाते हैं, लेकिन फिल्म नगरी किसी किसी को ही पनाह देती हैं। और जिनको अपना लेती हैं उन्हें फर्श से अर्श पर बैठा देती है। फिर नाम शोहरत और दौलत उनकी कदमों में होती है। ऐसे ही एक फ नकार हैं शब्बीर अहमद। संगीत की दुनिया में शब्बीर एक जाना माना नाम है। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश….

मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं आप?
मेरी पैतृक भूमि उत्तर प्रदेश का जौनपुर है, लेकिन मेरा जन्म मुंबई के भिवंडी में हुआ। दरअसल मेरा परिवार मुंबईमें रहता था, लेकिन मुंबई दंगों के बाद मेरा परिवार जौनपुर में मेरे गांव चला गया। मेरी परवरिश वहीं हुई, लेकिन मुंबई भी आना जाना होता रहा।

फिल्मों में करियर बनाने की प्रेरणा कहां से मिली? क्या स्ट्रगल करना पड़ा?
मुझे बचपन से फिल्मों का शौक था। मेरे साथ मेरा शौक भी बड़ा होता गया। अपने सपने को पुरा करने के लिए मैंने खुब मेहनत किया, लेकिन मंजिल तक पहुंचने का पता मेरे पास नहीं था। फिल्मों में काम करने वाले छाटे मोट कलाकारों के पास मैं जाता, उनसे मिन्नते करता। मुंबई , भिवंडी में मैं एक लूम चलाता था। तब हमारी लकड़ी की खोली थी। जीवन बहुत अभावों से कट रहा था। मेरा भाई दिनरात काम करता था। वह दिन के सिर्फ 2 या 3 घंटे सोता था। वह अपनी मेहनत की कमाई मुझे देता था कि भाई तु अपने सपने को पूरा कर। मैं मुंबई की गलियों की खाक छानता रहा। होटले में नौकरी से लेकर मजदूरी भी की मैंने, लेकिन फिर भी मेरी किस्मत मुझ पर मेहरबान नहीं हो रही थी। लेकिन तभी खुदा ने सलमान भाई ्रको फरिश्ते की तरह मेरी जिंदगी में भेजा। आज मैं जो कुछ भी हूं सलमान भाई की बदौलत हूं।

पहला ब्रेक क ब मिला?
मुंबई के मड-आईलैंड में शूटिंग चल रही थी। वहां रात 3 बजे साजिद भाई के साथ मेरी हर दिल अजीज सलमान खान से े मुलाकात हुई। सलमान भाई ने मेरे गीत सुनकर खुश होकर कहा मेहनत करो। मुखड़े लिखकर मैंने उन्हें सुनाया। भाई को मुखड़े पसंद आए तब मेरी खुशी का ठिकाना ना रहा। फिर सलमान भाई अपनी भी राय मुझे देने देते। इसके बाद सलमान भाई ने ही मुझे शादी करके फंस गया में एक गीत दिलवाया। यह गीत सलमान भाई और शिल्पा शेट्टी पर फिल्माया गया जिसके बोल थे दीवाने दिल को जाने जां कहीं आराम नहीं..। यह मेरा पहला गीत था।
उन्हें मेरे लिखे गीत इतने पसंद आए कि उन्होंने गर्व की गीत लिखने का मौक भी मुझे दिया। साजिद भाई के लिए भी मैने गीत लिखा। इसके अलावा, हिमेश रेशमिया के साथ मैंने कई गीत लिखे।

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आपके लिखे कुछ गीत जो आपको खास पसंद हो?
तुझे अक्सा बीच घुमा दूं आ चलती क्या, तेरी मेरी प्रेम कहानी दो लफ्जो में बयां न हो पाये, जुम्मे की रात है चुम्मे की बात है, सोणी के नखरे सोणे लगदे, केंदी पो केंदी , हम तुमको निगाहों में इस तरह बसा लेगें जैसे कई गीत हैं, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।

अपने फैंस को आगे नया क्या देने वाले हैं ?
अपकमिंग कॉमेडी फिल्म दिमाग का दही में फ्रॉक पहन के शॉर्ट, लगती हो बड़ी हॉट, बेबी किल मी आॅन द स्पॉट सॉन्ग का लिरिक्स मैंने लिखा है। उम्मीद है यह लोगों को काफी पसंद आएगी। 

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